Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 34 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 34

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 34
Shloka
प्रनष्टाधिगतं द्रव्यं तिष्ठेद्युक्तैरधिष्ठितम्। यांस्तत्र चौरान्गृह्णीयात्तान्राजेभेन घातयेत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
चोरी गये धन की व्यवस्था-
Meaning
(प्रष्ट-अधिगतं द्रव्यम) चुरा लेने के बाद प्राप्त किये गये धन को राजा (युक्तः) योग्य रक्षकों के (अधिष्ठितं रक्षेत्) पहरे-सुरक्षा में रखे (तत्र) अगर उस पहरे में से भी चोरी करते हुए (यान् चौरान् गृह्णीयात्) जो चोर पकड़ो जायें [चाहे वे पेशेवर चोर हों अथवा रक्षक राजपुरुष ] (तान् राजा + इभेन घातयेत्) उन्हें राजा हाथी से कुचलवाकर मरवा डाले॥३४॥