Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 322 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 322

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 322
Shloka
पञ्चाशतस्त्वभ्यधिके हस्तच्छेदनं इष्यते। शेषे त्वेकादशगुणं मूल्याद्दण्डं प्रकल्पयेत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(पंचाशत: तु + अभ्यधिके) [उपर्युक्त ८।३२१ वस्तुओं के ] पचास से अधिक सौ तक चुराने पर (हस्तच्छेदनम् + इष्यते) हाथ काटने का दण्ड देना चाहिए (शेषे तु) पचास से कम चुराने पर राजा (मूल्यात् एकादशगुणं दण्डं प्रकल्पयेत्) मूल्य से ग्यारह गुना दण्ड करे और वह वस्तु वापिस दिलवाये॥३२२॥