Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 321 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 321

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 321
Shloka
तथा धरिममेयानां शतादभ्यधिके वधः। सुवर्णरजतादीनां उत्तमानां च वाससाम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(तथा) इसी प्रकार (धरिममेयानाम्) धरिम = काँटे से मेय= तोले जाने वाले (सुवर्ण-रजत + आदीनाम्) सोना, चांदी आदि पदार्थों के १०० पल से अधिक चुराने पर (च) और (उत्तमानां वाससाम्) उत्तम कोटि के कपड़े (शतात् + अभ्यधिके) सौ से अधिक चुराने पर (वध:) शारीरिक दण्ड से दण्डित करे॥३२१॥