Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 320 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 320

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 320
Shloka
धान्यं दशभ्यः कुम्भेभ्यो हरतोऽभ्यधिकं वधः। शेषेऽप्येकादशगुणं दाप्यस्तस्य च तद्धनम्॥

Bhashya

Meaning
(दशभ्यः कुम्भेभ्य: अधिकं धान्यं हरतः) दश कुम्भ = बड़ा घड़ा से अधिक धान्य = अन्नादि चुराने पर (वधः) चोर को शारीरिक दण्ड मिलना चाहिए (शेषे तु) दश कुम्भ तक धान्य चुराने पर (एकादशगुणं दाप्यः) ग्यारह गुना जुर्माना करना चाहिए (तस्य तत् धनं च) और उस व्यक्ति का वह धन वापिस दिलवा दे ॥३२०॥