Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 32 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 32

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
8/32
Adhyay 8 Shloka 32
Shloka
अवेदयानो नष्टस्य देशं कालं च तत्त्वतः। वर्णं रूपं प्रमाणं च तत्समं दण्डं अर्हति॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
जो व्यक्ति (नष्टस्य) नष्ट हुए या खोये हुए धन का (देशं कालं वर्ण रूपं च प्रमाणम्) स्थान, समय, रंग, स्वरूप और मात्रा (तत्त्वत: अवेदयानः) सही-सही नहीं बतलाता अर्थात् जो झूठ ही उस धन को हड़पने की कोशिश करता है तो वह (तत् समं दण्डम् + अर्हति) उस धन के बराबर दण्ड भुगतने का हकदार है अर्थात् उसे उतना ही दण्ड देना चाहिए॥३२॥