Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 310 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 310

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 310
Shloka
अधार्मिकं त्रिभिर्न्यायैर्निगृह्णीयात्प्रयत्नतः। निरोधनेन बन्धेन विविधेन वधेन च॥

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1 Bhashyas
Meaning
इसलिए राजा (निरोधनेन) निरोध= कैद में बंद करना (वन्धेन) बन्धन = हथकड़ी, बेड़ी आदि लगाना (च) और (विविधेन वधेन) विविध प्रकार के वध= ताड़ना, अंगच्छेदन, मारना आदि (त्रिभिः न्यायैः) इन तीन प्रकार के उपायों से (प्रयत्नतः) यत्नपूर्वक (अधार्मिकं निगृह्णीयात्) चोर आदि दुष्ट अपराधी को वश में करे ॥३१०॥