Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 31 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 31

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 31
Shloka
ममेदं इति यो ब्रूयात्सोऽनुयोज्यो यथाविधि। संवाद्य रूपसंख्यादीन्स्वामी तद्द्रव्यं अर्हति॥

Bhashya

Meaning
(यः) जो कोई (मम इदम्' इति व्र यात्) उस लावारिस धन को यह मेरा है' एसा कहे तो (सः यथाविध अनुयोज्य) उससे उचित विधि से प्रश्न करे [ अर्थात् धन की संख्या, रंग, समय पहचान आदि पूछे] (रूप-संख्या + आदीन्) धन का स्वरूप, मात्रा आदि वातों को (संवाद्य) सही-सही बताकर ही (स्वामी तत् द्रव्यम् + अर्हति) स्वामी उस धन को लेने का अधिकारी होता है अर्थात् सही-सही पहचान बताने पर राजा उस धन को लौटा दे॥३१॥