Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 308 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 308

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 308
Shloka
अरक्षितारं राजानं बलिषड्भागहारिणम्। तं आहुः सर्वलोकस्य समग्रमलहारकम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(अरक्षितारम्) प्रजाओं की रक्षा न करने वाले और (बलिषड्भागहारिणम्) 'बलि' के रूप में छठा भाग ग्रहण करने वाले (तं राजानम्) ऐसे राजा को (सर्वलोकस्य समग्रमलहारकम् + आहुः) सब प्रजाओं की सारी बुराइयों को ग्रहण करने वाला कहा है अर्थात् सभी प्रजाएँ ऐसे राजा की सभी प्रकार से बुराइयाँ करती हैं॥३०८॥