Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 307 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 307

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 307
Shloka
योऽरक्षन्बलिं आदत्ते करं शुल्कं च पार्थिवः। प्रतिभागं च दण्डं च स सद्यो नरकं व्रजेत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(यः पार्थिवः) जो राजा (अरक्षन्) प्रजाओं की बिना रक्षा किये उनसे (बलिम्) छठा भाग अन्नादि (करम्) टैक्स (शुल्कम्) महसूल (प्रतिभागम्) चुंगी (च) और (दण्डम्) जुर्माना (ग्रादत्ते) ग्रहण करता है (सः सद्यः नरकं व्रजेत्) वह शीघ्र ही दुःख को प्राप्त होता है अर्थात् प्रजाओं का ध्यान न रखने के कारण उनके असहयोग से किसी-न-किसी कष्ट से आक्रान्त हो जाता है ॥३०७॥