Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 301 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 301

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
8/301
Adhyay 8 Shloka 301
Shloka
एषोऽखिलेनाभिहितो दण्डपारुष्यनिर्णयः। स्तेनस्यातः प्रवक्ष्यामि विधिं दण्डविनिर्णये॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
(१३) चोरी का विवाद (३०१-३४३) -
Meaning
(एषः) यह [८ । २७६-३००] (दण्डपारुष्यनिर्णयः) दण्डे से कठोर मारपीट का निर्णय (अखिलेन+अभिहितः) पूर्णरूप से कहा । (अतः) इसके पश्चात् अव (स्तेनस्य दण्डविनिर्णये) चोर के दण्ड का निर्णय करने की (विधि प्रवक्ष्यामि) विधि कहूँगा – ॥३०१॥