Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 3 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 3

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 3
Shloka
प्रत्यहं देशदृष्टैश्च शास्त्रदृष्टैश्च हेतुभिः। अष्टादशसु मार्गेषु निबद्धानि पृथक्पृथक्॥

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Subject
अठारह प्रकार के मुकद्दमे
Meaning
सभा, राजा और राजपुरुष सव लोग (देशदृष्ट: च शास्त्रदृष्टैः च हेतुभिः) देशाचार और शास्त्रव्यवहार के हेतुओं से (अष्टादशसु मार्गेषु) निम्नलिखित अठारह [८१४-७] विवादास्पद मार्गों में + विवादयुक्त कर्मों का निर्णय (प्रति + अहम्) प्रतिदिन किया करें । और जो-जो नियम शास्त्रोक्त न पावें, और उनके होने की आवश्यकता जानें, तो उत्तमोत्तम नियम बांवे कि जिससे राजा और प्रजा की उन्नति हो ॥३॥