Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 278 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 278

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 278
Shloka
एष दण्डविधिः प्रोक्तो वाक्पारुष्यस्य तत्त्वतः। अत ऊर्ध्वं प्रवक्ष्यामि दण्डपारुष्यनिर्णयम्॥

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Subject
(१२) दण्ड से घायल करने सम्बन्धी विवाद (२७८-३००)
Meaning
(एषः) यह [८।२६७-२७७] (तत्त्वतः) ठीक-ठीक (वाक्पारुष्यस्थ) कठोर वचन या दुष्ट वचन बोलने का (दण्डविधिः) दण्डविधान (प्रोक्तः) कहा (अतः + ऊर्ध्वम्) इसके पश्चात् अब (दण्डपारुष्यनिर्णयम्) कठोर दंडमारना अथवा दंडे से कठोरतापूर्वक मारपीट करने पर निर्णय को (प्रवक्ष्यामि) कहूंगा ॥२७८॥