Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 274 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 274

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 274
Shloka
काणं वाप्यथ वा खञ्जं अन्यं वापि तथाविधम्। तथ्येनापि ब्रुवन्दाप्यो दण्डं कार्षापणावरम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
किसी (कारणम्) काने को (अपि वा) अथवा (खञ्जम्) लंगड़े को (वा) अथवा (तथाविधम्+अपि) इसी प्रकार के अन्य विकलांगों को (तथ्येन + अपि ब्र वन्) वास्तव में वैसा होते हुए भी किसी को काना, लंगड़ा आदि कहने पर (कार्षापणावरं दण्डं दाप्यः) कम से कम एक कार्षापण दण्ड करना चाहिए॥२७४॥