Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 273 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 273

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 273
Shloka
श्रुतं देशं च जातिं च कर्म शरीरं एव च। वितथेन ब्रुवन्दर्पाद्दाप्यः स्याद्द्विशतं दमम्॥

Bhashya

Subject
दुष्टवचन बोलने पर निर्णय को (प्रवक्ष्यामि) कहूँगा–
Meaning
कोई मनुष्य किसी मनुष्य के (श्रुतम्) विद्या (देशम्) देश (जातिम्) वर्ण (च शारीरम् एव कर्म) और शरीर-सम्बन्धी कर्म के विषय में (दर्पात्) घमण्ड में आकर (वितथेन ब्रवन्) झूठी निन्दा अथवा गलत बात करे, उसे (द्विशतं दमं दाप्यः) दो सौ परण दण्ड देना चाहिए॥२७३॥