Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 266 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 266

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 266
Shloka
एषोऽखिलेनाभिहितो धर्मः सीमाविनिर्णये। अत ऊर्ध्वं प्रवक्ष्यामि वाक्पारुष्यविनिर्णयम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(११) दुष्ट या कटुवाक्य बोलने सम्बन्धी विवाद (२६६-२७७) (एषः) यह [८ | २४५–२६५] (सीमा-विनिरर्णये) सीमा के निर्णय करने के विषय में (धर्मः) न्यायविधान (अखिलेन + अभिहित) पूर्णरूप से कहा । (अत: +ऊर्ध्वम्) इसके बाद अब (वाक्-पारुष्य - विनिर्णयम्) कठोर और ॥२६६॥