Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 264 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 264

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 264
Shloka
गृहं तडागं आरामं क्षेत्रं वा भीषया हरन्। शतानि पञ्च दण्ड्यः स्यादज्ञानाद्द्विशतो दमः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(भीषया) यदि कोई भय दिखाकर (गृहं तडागम् आरामं वा क्षेत्रं हरन्) घर, तालाब, बगीचा अथवा खेत को ले ले, तो राजा उस पर (शतानि पञ्च दण्ड्यः) पाँच सौ परणों का दण्ड करे (अज्ञानात् द्विशतः दमः स्यात्) यदि अनजाने में अधिकार कर ले तो दो सौ परणों का दण्ड दे॥२६४॥