Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 262 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 262

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 262
Shloka
क्षेत्रकूपतडागानां आरामस्य गृहस्य च। सामन्तप्रत्ययो ज्ञेयः सीमासेतुविनिर्णयः॥

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Meaning
(क्षेत्र - कूप-तडागानाम् + आरामस्य) खेत, कुआँ, तालाब, बगोचा (च) और (गृहस्य) घर की (सीमा-सेतु-विनिर्णयः) सीमा के चिह्न का निर्णय (समान्तप्रत्ययः ज्ञेयः) उस गांव के निवासियों की साक्षियों के आधार पर करना चाहिए ॥२६२॥