Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 26 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 26

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
8/26
Adhyay 8 Shloka 26
Shloka
आकारैरिङ्गितैर्गत्या चेष्टया भाषितेन च। नेत्रवक्त्रविकारैश्च गृह्यतेऽन्तर्गतं मनः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(आकारैः) आकारों से (इङ्गितः) संकेतों से (गत्या) चाल से (चेष्टया) चेष्टा = हरकत से (च) और (भाषितेन) बोलने से (च) तथा (नेत्र-वक्त्रविकारैः) नेत्र एवं मुख के विकारों = हावभावों से (अन्तर्गतं मनः) मनुष्यों के मन का भीतरी भाव (गृह्यते) मालूम हो जाता है॥२६॥