Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 255 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 255

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 255
Shloka
ते पृष्टास्तु यथा ब्रूयुः समस्ताः सीम्नि निश्चयम्। निबध्नीयात्तथा सीमां सर्वांस्तांश्चैव नामतः॥

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1 Bhashyas
Meaning
राजा के द्वारा (पृष्टाः) पूछने पर अर्थात् जांच-पड़ताल करने पर (सीम्नि निश्चयम्) सीमा- निश्चय के विषय में (ते समस्ताः यथा ब्रूयुः) वे सब–साक्षी और गाँव के उपस्थित कुलीन पुरुष जैसे एकमत होकर कहें- स्वीकार कर लें (तथा सीमां निबध्नीयात्) राजा उसी प्रकार सीमा को निर्धारित कर दे (च) और (तान् सर्वान् एव नामतः) उन उपस्थित सभी साक्षियों एवं पुरुषों के नामों को भी लिखकर रख ले [जिससे पुनः विवाद उपस्थित होने पर यह ज्ञात हो सके कि किन-किन लोगों के समक्ष या गवाही से यह निर्णय हुआ था]॥२५५॥