Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 252 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 252

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 252
Shloka
एतैर्लिङ्गैर्नयेत्सीमां राजा विवदमानयोः। पूर्वभुक्त्या च सततं उदकस्यागमेन च॥

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Meaning
(राजा) राजा (विवदमानयोः) सीमा के विषय में लड़ने वालों की (एतैः लिङ्गः) इन [८ । २४६-२५१] चिह्नों से (च) तथा (पूर्व भुक्त्या) पहले जो उसका उपभोग कर रहा हो, इस आधार पर (च) और (सततम् + उदकस्य + आगमेन) निरन्तर जल के प्रवाह के आगमन के आधार पर [ कि पानी किस ओर से आता है आदि] (सीमां नयेत्) सीमा का निर्णय करे॥२५२॥