Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 248 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 248

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
8/248
Adhyay 8 Shloka 248
Shloka
तडागान्युदपानानि वाप्यः प्रस्रवणानि च। सीमासंधिषु कार्याणि देवतायतनानि च॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(तडागानि) तालाव (उदपानानि) कूएं (वाप्यः) बावड़ी (प्रस्रवारिण) नाले (च) तथा (देवतायतनानि) देवस्थान = यज्ञशालाएं आदि (सीमासन्धिषु कार्यारिण) सीमा के मिलने के स्थानों पर बनवाने चाहिएं॥२४८॥