Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 247 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 247

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 247
Shloka
गुल्मान्वेणूंश्च विविधान्शमीवल्लीस्थलानि च। शरान्कुब्जकगुल्मांश्च तथा सीमा न नश्यति॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(च) और सीमा को निश्चित करने के लिए राजा (सीमावृक्षान् कुर्वीत) सीमा को बतलाने के चिह्नरूप वृक्षों को लगवाये - (न्यग्रोध) बड़ (+ प्रश्वत्थ) पीपल (– किंशुकान) ढाक (शाल्मलीन्) सेमल (साल-तालान्) साल और ताड़वृक्ष (च) और (क्षीरिणः पादपान्+एव) दूधवाले अन्य वृक्षों को [जैसेगूलर, पिलखन आदि] (गुल्मान्) झाड़वाले पौधों (विविधान् वेरगन्) विविध प्रकार के बांसवृक्ष (शमी-वल्ली- स्थलानि) सेंम की बेल तथा अन्य भूमि पर फैलने वाली लताएं (सरान्) सरकंडे या मूंज के झाड़ (च) और (कुब्जकगुल्मान्) मालतो पौधे के झाड़ों को लगवाये (तथा सीमा न नश्यति) इस प्रकार करने से सीमा नष्ट नहीं होती - सुरक्षित रहती है॥२४६-२४७॥