Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 240 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 240

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
8/240
Adhyay 8 Shloka 240
Shloka
पथि क्षेत्रे परिवृते ग्रामान्तीयेऽथ वा पुनः। सपालः शतदण्डार्हो विपालान्वारयेत्पशून्॥

Bhashya

Meaning
(परिवृते) बाड़ से युक्त (पथि) पशुओं के आवागमन के रास्ते में (क्षेत्रे) खेतों में (अथवा) या (ग्राम + अन्तीये) गांव या नगर के समीप वाले पशुस्थानों में पशुओं द्वारा नुकसान पहुंचाने पर (सपाल: शतदण्ड + अहंः) चरवाहा सौ पण दण्ड का [८।१३६] भागी है (विपालान् पशुन् वारयेत्) किन्तु यदि वे पशु यों ही घूमने वाले अर्थात् बिना पालक के हों तो उन्हें केवल वहां से हटा दे ॥२४०॥