Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 238 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 238

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 238
Shloka
तत्रापरिवृतं धान्यं विहिंस्युः पशवो यदि। न तत्र प्रणयेद्दण्डं नृपतिः पशुरक्षिणाम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(तत्र) उस पशुस्थान के पास (यदि अपरिवृतं धान्यं पशवः विहिस्युः) यदि बिना घेरा या बाड़ बांधे अन्नों को पशु नष्ट कर दें तो (नृपतिः) राजा (तत्र) उस विषय में (पशुरक्षिणां दण्डं न प्ररणयेत्) चरवाहों को दण्ड न दे॥२३८॥