Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 236 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 236

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 236
Shloka
तासां चेदवरुद्धानां चरन्तीनां मिथो वने। यां उत्प्लुत्य वृको हन्यान्न पालस्तत्र किल्बिषी॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(तासां चेत् + अवरुद्धानाम्) चरवाहे ने यदि घेरकर बकरियों और भेड़ों को संभाल रखा है और उनके (वने मिथ: चरन्तीनाम्) वन में झुण्ड बनाकर चरते समय (याम् + उत्प्लुत्य वृक: हन्यात्) जिस बकरी या भेड़ को एकाएक उछलकर भेड़िया मार जाये तो (तत्र पालः न किल्विषी) वहाँ चरवाहा दोषी नहीं होता अर्थात् देनदार नहीं होता ॥२३६॥