Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 233 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 233

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 233
Shloka
विघुष्य तु हृतं चौरैर्न पालो दातुं अर्हति। यदि देशे च काले च स्वामिनः स्वस्य शंसति॥

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1 Bhashyas
Meaning
(विषुष्य तु चौर: हृतम्) यदि पशु को जबरदस्ती चोर ले जायें (च) और (यदि देशे च काले स्वामिनः स्वस्य शंसति) यदि चरवाहा देश-काल के अनुसार शीघ्र ही अपनी ओर से स्वामी को इसकी सूचना दे देता है तो (पाल: दातुं न अहंति) चरवाहा उस पशु का देनदार नहीं होता॥२३३॥