Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 223 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 223

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 223
Shloka
परेण तु दशाहस्य न दद्यान्नापि दापयेत्। आददानो ददत्चैव राज्ञा दण्ड्यौ शतानि षट्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(तु) परन्तु (दश + ग्रहस्य परेण) दश दिन के बाद (न दद्यात्) न तो वापिस दे (अपि न दापयेत्) और न वापिस ले (आददान:) यदि कोई वापिस ले (च + एव) या (ददत्) वापिस दे तो (राज्ञा षट्शतानि दण्ड्यः) राजा उस पर छह सौ परण [८।१३६] का जुर्माना करे ॥२२३॥