Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 222 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 222

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 222
Shloka
क्रीत्वा विक्रीय वा किं चिद्यस्येहानुशयो भवेत्। सोऽन्तर्दशाहात्तद्द्रव्यं दद्याच्चैवाददीत वा॥

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Meaning
(८) खरीद-विक्री का विवाद (२२२ - २२८) (किंचित् क्रीत्वा) किसी वस्तु को खरीदकर (वा) अथवा (विक्रीय) बेचकर (यस्य) जिस व्यक्ति को (इह + अनुशय: भवेत्) मन में पश्चात्ताप अनुभव हो (स:) वह (अन्तर्दशाहात्) दश दिन के भीतर (तत् द्रव्यम्) उस वस्तु को (दद्यात्) लौटादे (वा) अथवा (आददीत एव) लौटाले॥२२२॥