Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 216 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 216

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
8/216
Adhyay 8 Shloka 216
Shloka
आर्तस्तु कुर्यात्स्वस्थः सन्यथाभाषितं आदितः। स दीर्घस्यापि कालस्य तल्लभेतैव वेतनम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
यदि सेवक (स्वस्थ: सन्) स्वस्थ रहता हुआ (यथाभाषितम् + आदित: कुर्यात्) जैसा पहले कहा था या निश्चय हुआ था उसके अनुसार ठीक-ठीक काम करता रहे तो (स:) वह (त: तु) वीमार होने पर भी (तत् दीर्घस्य कालस्य + अपि वेतनं लभेत) उस लम्बे समय के वेतन को पाने का अधिकारी होता है ॥२१६॥