Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 210 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 210

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 210
Shloka
सर्वेषां अर्धिनो मुख्यास्तदर्धेनार्धिनोऽपरे। तृतीयिनस्तृतीयांशाश्चतुर्थांशाश्च पादिनः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
वे (सर्वेषां मुख्या: अधिनः) सब साझीदारों में जो मुख्य हैं वे कुल आय के आधे भाग को लें (अपरे अनि: तत् अर्धेन) दूसरे नंबर के साझीदार उनसे आधा भाग ग्रहण करें (तृतीयिनः तृतीयांशाः) तीसरे नम्बर के साझीदार उन मुख्यों से एक तिहाई भाग लें (च) और (चतुर्थांशाः पादिनः) चौथे हिस्से के हिस्सेदार एक चौथाई हिस्सा लें । इस प्रकार साझे का व्यापार करें ॥२१०॥