Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 195 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 195

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 195
Shloka
मिथो दायः कृतो येन गृहीतो मिथ एव वा। मिथ एव प्रदातव्यो यथा दायस्तथा ग्रहः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(येन मिथः दायः कृतः) जिस व्यक्ति ने बिना साक्षियों के परस्पर की सहमति से धरोहर या धन दिया है (वा) अथवा (मिथः एव गृहीतः) उसी प्रकार एकान्त में ग्रहण किया है उन्हें (मिथः एव प्रदातव्यः) उसी प्रकार एकान्त में लौटा देना चाहिए (यथा दायः तथा ग्रहः) क्योंकि जैसा देना वैसा ही लेना होता है ॥१९५॥