Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 191 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 191

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 191
Shloka
यो निक्षेपं नार्पयति यश्चानिक्षिप्य याचते। तावुभौ चौरवच्छास्यौ दाप्यौ वा तत्समं दमम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(यः) जो (निशेपं न + अर्पयति) धरोहर को वापिस नहीं लौटाता (च) और (य:) जो (अनिक्षिप्य याचते) बिना धरोहर रखे झूठ ही मांगता है (तो+ उभौ) वे दोनों प्रकार के व्यक्ति (चौरवत् शास्यौ) चौर के समान दण्ड के भागी हैं (वा) अथवा (तत् समं दमं दाप्यौ) बताये गये धन के बराबर अर्थदण्ड के द्वारा दण्डनीय हैं ॥१९१॥