Adhyay 8
Shloka 185
Shloka
निक्षेपोपनिधी नित्यं न देयौ प्रत्यनन्तरे। नश्यतो विनिपाते तावनिपाते त्वनाशिनौ॥
Shloka 185 Chapter Eight
Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय
