Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 181 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 181

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 181
Shloka
यो निक्षेपं याच्यमानो निक्षेप्तुर्न प्रयच्छति। स याच्यः प्राड्विवाकेन तन्निक्षेप्तुरसंनिधौ॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यः) जो धरोहर रखने वाला (निक्षेप्तुः निक्षेपम्) धरोहर रखाने वाले के द्वारा अपनी धरोहर के (याच्यमानः) मांगने पर (न प्रयच्छति) नहीं लौटाता है तो [धरोहर रखाने वाले के द्वारा न्यायालय में प्रार्थना करने पर ] (तत् निक्षेप्तु: + असन्निधौ) धरोहर रखाने वाले की अनुपस्थिति में या परोक्षरूप से (प्राड्विवाकेन सः याच्यः) न्यायाधीश उससे धरोहर मांगे [८११८२] अर्थात् धरोहर लौटाने के लिये उससे पूछताछ आदि करे॥१८१ ।।