Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 178 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 178

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 178
Shloka
अनेन विधिना राजा मिथो विवदतां नृणाम्। साक्षिप्रत्ययसिद्धानि कार्याणि समतां नयेत्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(राजा) राजा (मिथः विवदतां नृणाम्) परस्पर झगड़ते हुए मनुष्यों के (साक्षि-प्रत्ययसिद्धानि कार्यारिण) साक्षी और लेख आदि प्रमारणों से प्रमाणित मुकद्दमों को (अनेन विधिना) इस उपर्युक्त [चाह से ८२१७७] विधि से (समतां नयेत्) निर्णीत करे ॥१७८॥ (२) धरोहर रखना (१७९-१९६)