Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 165 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 165

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 165
Shloka
योगाधमनविक्रीतं योगदानप्रतिग्रहम्। यत्र वाप्युपधिं पश्येत्तत्सर्वं विनिवर्तयेत्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(योग + आधमन – विक्रीतम्) छल-कपट से रखी हुई धरोहर और बेची हुई वस्तु (योगदान-प्रतिग्रहम्) छल-कपट से दी गयी और ली गई वस्तु (वा) अथवा (यत्र अपि + उपधिं पश्येत्) जिस किसी भी व्यवहार में छल-कपट दिखाई पड़े (तत् सर्वं विनिवर्तयेत्) उस सब को रद्द या अमान्य घोषित कर दे ॥१६५॥