Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 163 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 163

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 163
Shloka
मत्तोन्मत्तार्ताध्यधीनैर्बालेन स्थविरेण वा। असंबद्धकृतश्चैव व्यावहारो न सिध्यति॥

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1 Bhashyas
Meaning
(मत्तः) नशे में ग्रस्त (उन्मत्तः) पागल (- आतं:) शारीरिक रोगी (~-आधि) मानसिक रूप से दुःखी या विपत्तिग्रस्त (-अधीनः) अधीन रहनेवाले नौकर आदि से (वालेन) नाबालिग से (वा) अथवा (स्थविरेरण) बहुत बूढ़े से (च) और (असंबद्धकृतः) सम्वद्ध व्यक्ति के पीछे से किसी अन्य व्यक्ति से किया गया (व्यवहार) लेन-देन (न सिद्धयति) प्रामाणिक अर्थात् मानने योग्य नहीं होता ॥१६३॥