Adhyay 8
Shloka 161
Shloka
अदातरि पुनर्दाता विज्ञातप्रकृतावृणम्। पश्चात्प्रतिभुवि प्रेते परीप्सेत्केन हेतुना॥
Shloka 161 Chapter Eight
Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय
