Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 158 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 158

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 158
Shloka
यो यस्य प्रतिभूस्तिष्ठेद्दर्शनायेह मानवः। अदर्शयन्स तं तस्य प्रयच्छेत्स्वधनादृणम्॥

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Subject
जमानती का विधान
Meaning
यो यस्य प्रतिभूस्तिष्ठेद्दशनायेह मानवः । प्रदर्शयन्स तं तस्य प्रयच्छेत्स्वधनादृणम्॥१५८॥(६१) (यः मानवः) जो व्यक्ति (यस्य) जिस कर्जदार का (इह दर्शनाय) महाजन के सामने या न्यायालय के सामने उपस्थित करने का (प्रतिभूः तिष्ठेत्) जमानती बने (तम् प्रदर्शयन्) उस कर्जदार को उपस्थित न कर सकने पर (तस्य ऋरणम्) उसका लिया हुआ कर्ज (स्वधनात् प्रयच्छेत्) जमानती अपने धन से दे ।॥१५८॥