Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 157 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 157

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 157
Shloka
समुद्रयानकुशला देशकालार्थदर्शिनः। स्थापयन्ति तु यां वृद्धिं सा तत्राधिगमं प्रति॥

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1 Bhashyas
Subject
किराया-भाड़ा निर्धारण
Meaning
(समुद्रयानकुशलाः) समुद्रपार देशों तक व्यापार करने में चतुर और (देशकालार्थं दर्शिनः) देश, काल के अनुसार अर्थशास्त्र के ज्ञाता विद्वान् (यां वृद्धि - स्थापयन्ति) जिस ब्याज या भाड़े का निश्चय करें (सा तत्र + अधिगमं प्रति) वही ब्याज या भाडा लाभप्राप्ति के लिए ठीक है [ ऐसा समझना चाहिए]॥१५७॥