Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 15 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 15

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 15
Shloka
धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः। तस्माद्धर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो हतोऽवधीत्॥

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Meaning
(हतः धर्म: एव) मरा हुआ धर्म (हन्ति) मारने वाले का नाश, और (रक्षितः धर्मः) रक्षित किया हुआ धर्म (रक्षति) रक्षक की रक्षा करता है (तस्मात्) इसलिए (धर्म: न हन्तव्यः) धर्म का हनन कभी न करना, इस डर से कि (हतः धर्मः) मारा हुआ धर्म (नः मा अवधीत्) कभी हमको न मार डाले॥१५॥ (स० प्र० षष्ठ समु०)