Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 146 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 146

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 146
Shloka
संप्रीत्या भुज्यमानानि न नश्यन्ति कदा चन। धेनुरुष्ट्रो वहन्नश्वो यश्च दम्यः प्रयुज्यते॥

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1 Bhashyas
Meaning
(संप्रीत्या भुज्यमानानि) परस्पर प्रेमपूर्वक उपभोग में लायी जातो हुई वस्तुएं (धेनुः) गौ (वहन) बोझ या सवारी आदि ढोने के लिए (उष्ट्रः) ऊंट (अश्व:) घोड़ा (च) और (य:) जो (दम्य:) हल आदि में जोता जाने वाला बैल आदि (प्रयुज्यते) उपयोग में लाया जाता है वह (कदाचन न नश्यन्ति) कभी भी अपने पूर्व स्वामी के स्वामित्व से नष्ट नहीं होते, प्रयोग करने वाले के नहीं होते॥१४६॥