Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 145 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 145

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 145
Shloka
आधिश्चोपनिधिश्चोभौ न कालात्ययं अर्हतः। अवहार्यौ भवेतां तौ दीर्घकालं अवस्थितौ॥

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1 Bhashyas
Meaning
(आधिः) धरोहर (च) और (उपनिधि:) मुहरवन्द दी हुई अमानत (उभौ) ये दोनों (काल +त्ययम्) समय की सीमा के (न अर्हतः) योग्य नहीं हैं अर्थात् इन पर कोई समय की सीमा लागू नहीं होती कि इतने दिनों के पञ्चात् ये जब्त हो जायेंगी (तौ) ये (दीर्घकालम् +अवस्थितौ) लम्बे समय तक रहने के बाद भी (अवहार्यौ भवेताम्) लौटाने योग्य होती हैं॥१४५॥