Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 144 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 144

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 144
Shloka
न भोक्तव्यो बलादाधिर्भुञ्जानो वृद्धिं उत्सृजेत्। मूल्येन तोषयेच्चैनं आधिस्तेनोऽन्यथा भवेत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
घरोहर-सम्बन्धी व्यवस्थाएं-
Meaning
(बलात्) गिरवो को रखने वाला व्यक्ति जबरदस्ती (आधि: न भोक्तव्यः) किसी की धरोहर को उपयोग में न लाये (भुञ्जानः) यदि वह उस वस्तु को उपभोग में लाता है तो (वृद्धिम् +उत्सृजेत्) ब्याज को छोड़ देवे, अथवा (एन मूल्येन तोषयेत्) धरोहर रखने वाले व्यक्ति को उसका मूल्य देकर संतुष्ट करे (अन्यथा) ऐसा न करने पर (आधि: + स्तेन: भवेत्) धरोहर का चोर) कहलायेगा अर्थात् चोर के दण्ड का भागी होगा॥१४४ ।।