Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 136 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 136

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 136
Shloka
ते षोडश स्याद्धरणं पुराणश्चैव राजतः। कार्षापणस्तु विज्ञेयस्ताम्रिकः कार्षिकः पणः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(ते षोडश 'धरणं' स्यात्) उन सोलह रौप्यमाषकों का एक 'रौप्यधरण' होता है (च) और एक ('राजत: पुराण:') चाँदी का 'पुराण' होता है (ताम्रिक : कार्षिकः पणः) तांबे का कर्षभर का पण ('कार्षापरण:' विज्ञेयः) 'कार्षापरण' समझना चाहिए ।। १३६॥