Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 135 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 135

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 135
Shloka
पलं सुवर्णाश्चत्वारः पलानि धरणं दश। द्वे कृष्णले समधृते विज्ञेयो रौप्यमाषकः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(चत्वारः सुवर्णा: 'पलम्') चार सुवर्गों का एक 'पल' होता है (दश पलानि 'धरणम्') दश पलों का एक 'धरण' होता है (द्वे कृष्णले समवृते 'रौप्यमाषक:' विज्ञेयः) दो कृष्णलों के बरावर का माप एक 'रौप्यमाषक' जानना चाहिए ॥१३५॥