Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 134 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 134

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 134
Shloka
सर्षपाः षड्यवो मध्यस्त्रियवं त्वेककृष्णलम्। पञ्चकृष्णलको माषस्ते सुवर्णस्तु षोडश॥

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1 Bhashyas
Meaning
(षट् सर्षपा: मध्य-यवः) छः गौरसर्षपों का एक 'मध्ययव' परिमाण होता है (तु) और (त्रियवम् एककृष्णलम्) तीन मध्ययवों का एक 'कृष्णल' (पञ्चकृष्णलक: माषः) पाँच कृष्णलों का एक 'माष' और (ते षोडश सुवर्ण:) उन सोलह माषों का एक 'सुवर्ण' होता है ॥१३४॥