Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 133 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 133

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 133
Shloka
त्रसरेणवोऽष्टौ विज्ञेया लिक्षैका परिमाणतः। ता राजसर्षपस्तिस्रस्ते त्रयो गौरसर्षपः॥

Bhashya

Meaning
(परिमाणतः) माप के अनुसार (अष्टौ 'त्रसरेणवः') आठ 'त्रसरेणु' की (एका 'लिक्षा' विज्ञेया) एक 'लिक्षा' होती है, और (ता: तिस्रः 'राजसर्षप:') उन तीन लिक्षाओं का एक 'राजसर्षप' (ते त्रयः गौरसर्षपः) उन तीन 'राजसर्षपों' का एक 'गौरसर्षप' होता है ॥१३३॥