Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 120 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 120

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 120
Shloka
लोभात्सहस्रं दण्ड्यस्तु मोहात्पूर्वं तु साहसम्। भयाद्द्वौ मध्यमौ दण्डौ मैत्रात्पूर्वं चतुर्गुणम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(लोभात् सहस्रं दण्ड्यः) जो लोभ से झूठी गवाही दे तो 'एक हजार परण' का दण्ड देना चाहिए (मोहात् पूर्वं साहसम) मोह से देने वाले को 'प्रथम साहस', (भयात् द्वौ मध्यमौ दण्डौ) भय से देने पर दो 'मध्यम साहस' का दण्ड दे (मैत्रात्) मित्रता से झूठी गवाही देने पर (पूर्वं चतुर्गु गम्) 'प्रथम साहस' का चारगुना दण्ड देना चाहिए ॥१२०॥