Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 119 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 119

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 119
Shloka
एषां अन्यतमे स्थाने यः साक्ष्यं अनृतं वदेत्। तस्य दण्डविशेषांस्तु प्रवक्ष्याम्यनुपूर्वशः॥

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1 Bhashyas
Subject
असत्य साक्ष्य में दण्डव्यवस्था
Meaning
इनसे भिन्न स्थान में साक्षी झूठ बोले उसको वक्ष्यमारण अनेकविध दण्ड दिया करे ।(स० प्र० षष्ठ समु०)(एषाम्) इन [८।११८] लोभ आदि कारणों में से (अन्यतमे स्थाने) किसी कारण के होने पर (यः अनृतं साक्ष्यं वदेत्) जो कोई झूठी साक्षी देता है (तस्य) उसके लिए (दण्डविशेषान) दण्डविशेषों को (अनुपूर्वशः) क्रमश: (प्रवक्ष्यामि) कहूँगा [८ | १२० - १२२]॥११९॥